आज फिर दिल को ये ख्याल आया, कि किस तरह से ज़िन्दगी ने मुझे सांई से मिलवाया
इक रोज़ बैठी थी मै मुरझाई, अचानक वहां ठंडी हवा आई..उस हवा की ठंडक में थे सांई
इक रात मुझे जब नींद नहीं आई, तब अचानक से कुछ मीठी धुन दी सुनाई.. उस धुन कि आवाज़ में थे सांई
गिरी,उठी,फिर संभली..पर मन से गई थी टूट
तब बाबा की आरती ने हिम्मत बंधाई..इस बार मेरी भावनाओ में थे सांई
हर बार जब भी दुनिया की बातों में आई, तब किसी रुप में आकर दिखाई मुझको सच्चाई... मेरे कवच बने मेरे सांई
जब भी शिकायत की बाबा से किस्मत की, सबूरी मुझे सिखा बाबा ने कृपा बरसाई..मेरे हाथो की लकीरों में भी दिखे सांई
मतलबी दुनिया में जब ठोकरें मैंने खाई,,,प्यार,माफी और श्रद्धा मैंने बाबा से पाई...इस तरह से बाबा ने मुझे ज़िन्दगी जीनी सिखाई
ग्यारह वचन पढ़ बाबा के, जब सोच में पड़ी मै
इक नया वचन मुझे दे गए मेरे साई,,, मुझे अपना बना कर चल दिए मेरे साई
आज फिर दिल को ये ख्याल आया, कि किस तरह से साई ने मुझे ज़िन्दगी (सांई) से मिलवाया
!!LOVE SAI!!TRUST SAI!!
Jai Sai Ram🙏
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