Monday, December 27, 2010

Going to Shirdi to celebrate LOHRI on 13 Jan. 2011

Going To Shirdi to Celebrate LOHRI On 13 Jan. 2011
 
शिर्डी से न्योता आया है
बाबा ने मुझे बुलाया है,
झूम उठी नाच उठी ,
मुस्कुरा उठी..
बाबा के पास गयी,
बाबा से दो बाते कही,
आपने मुझे बुलाया है,
आपने किसी के हाथ न्योता भिजवाया है,
अपने मुझे द्वारकामाई बुलाया है,
में भी मज़ीद की सीडिया चडुगी ,
आपके दर्शन करुगी,
आपसे बाते करुगी,
मन ही मन मुस्कुराती रही,
झिलमिलाती रही,
फिर एक दम से,
दिल थम  गया,
आँखों से आँसू बहने लगे,
और बाबा की नज़रो की तरफ,
देखकर में कहने लगी,
क्या मेरा सपना पूरा होगा?
क्या में शिर्डी जापाऊगी?


Thanks Babaji....

Thanks a Lot